Tuesday, August 23, 2011

मेघालय में राष्ट्रीय हिंदी विकास सम्मेलन 2012 की तैयारियाँ शुरू

"पूर्व के स्काटलैंड के रूप में प्रसिद्ध मेघालय की राजधानी शिलांग में भी हिन्दी का अच्छा खासा प्रभाव है. पहाड़ियों पर बसे इस खूबसूरत शहर में पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी,हिन्दी के विकास और विस्तार में लगी है. "

पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी की स्थापना 1990 में हुई थी. अकादमी वहाँ के अहिन्दी भाषी लोगो के मन में हिन्दी के प्रति लगाव की भावना जगा कर उन्हें हिन्दी से जोडने के लिए प्रयासरत है. ये संस्था पूर्वोत्तर की स्थानीय भाषाओं जैसे खासी,बोरो,असमी, मणिपुरी और बांग्ला के विकास और समन्वय के लिए भी काफी काम कर रही है. भारतीयता के वृहद उद्देश्य से काम कर रही इस संस्था के उद्देश्यों में कला और संस्कृति का प्रचार भी शामिल है.अपने कार्यक्रमों के माध्यम से अकादमी उत्तर-पूर्व के राज्यों के साथ देश के अन्य राज्यों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान के द्वारा राष्ट्रीय एकता को भी विकसित कर रही है.

"अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर मेघालय की राजधानी शिलांग में अगले साल फिर से हिन्दी का एक कुम्भ लगेगा. हिन्दी के इस कुम्भ का आयोजन पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी के लिए समर्पित संस्था पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी द्वारा किया जाएगा. इस सम्मेलन के लिए अकादमी ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है. इसमें हिन्दी के लेखकों और हिन्दी सेवियों का सम्मान भी किया जाएगा. "

पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी द्वारा 25 मई 2012 से 27 मई 2012 तक मेघालय की राजधानी शिलांग में राष्ट्रीय हिंदी विकास सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा.इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश- विदेश के हिन्दी लेखक,साहित्यकार,रचनाकार, हिन्दी सेवी और हिन्दी प्रेमी भाग लेंगे. उल्लेखनीय है अकादमी द्वारा 2011 में आयोजित हिन्दी विकास सम्मेलन काफी सफल रहा था. इसमे केन्द्रीय राज्य मंत्री सुश्री अगाथा संगमा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी.

इस बार सम्मेलन में डॉ. महाराज कृष्ण जैन की ग्यारहवीं पुण्य तिथि के अवसर पर हिंदी लेखकों और हिंदी सेवियों का सम्मान भी किया जाएगा.

सम्मेलन में भाग लेने वाले लोग पूर्वोत्तर भारत के प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक परपराओं से रूबरू हो सके इस हेतु अकादमी ने एक दिन स्थानीय पर्यटन के लिए सुरक्षित रखा है. इस तरह ये सम्मेलन हिन्दी के विकास के साथ-साथ हिन्दी भाषी समाज को पूर्वोत्तर भारत से जोडने के लिए सेतु की भूमिका भी निभाएगा.

इस सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए पूर्व पंजीयन आवश्यक है. पंजीयन के लिए अकादमी के सचिव से इस पते पर संपर्क किया जा सकता है. संपर्क - डॉ. अकेलाभाइ, सचिव, पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी, पो. रिन्जा, शिलांग 793006, मेघालय

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